बेबसी और बारे-गम का सीने में ख्याल कहीं उनकी चुप्पी में बीतता है, अपना दिले- हाल कहीं ॥ हमने पिछले ही पहर अपनी सारी चाल चल दी क्यों ठिठक के रह गया है, उनका आखिरी चाल कहीं ॥ कुचल के पुराने आसमां, हम बढे हैं इस तरफ इत्तेफ़ाक़े रह गया है, जेब में उनका रुमाल कहीं ॥ ये इंस्टाग्राम वाली हंसी, इतनी भी सच्ची नहीं बंद कमरे में हमें, रो लेने दो फिलहाल कहीं ॥ आखिरी सांस टूटी, तब जा के ख़्याल आया काश पहले आया होता, खुदा का ख़्याल कहीं ॥ खैर जब उठाओगे हमारा जनजा , काँधे तुम मेरे नाम कर देना बाज़ीचा ऐ अत्फ़ाल कहीं ॥ बाज़ीचा ऐ अत्फ़ाल= Kid's Playground बारे-गम = Weighted with pain